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अंडा प्रचुरता अभियान, बिहार

अंडा प्रचुरता अभियान, बिहार

मध्य बिहार ग्रामीण बैंक

एवं

बिहार विद्यापीठ उद्भवन एवं उद्यमिता केंद्र, पटना

बिहार राज्य को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने हेतु मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, बिहार विद्यापीठ उद्भवन एवं उद्यमिता केंद्र, पटना एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वाधान में अंडा उत्पादकों के उधमिता का एक अभियान शुरू किया गया है, उक्त योजना को नाबार्ड द्वारा अपने क्षेत्रीय विकास योजना में भी शामिल किया गया है I बिहार के 11 (ग्यारह) जिलों जो मध्य बिहार ग्रामीण बैंक के एरिया ऑफ़ ऑपरेशन के अंतर्गत है, उनमे 1100 अंडा उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए सेवानिवृत जवानों, प्रगतिशील किसानों, उधमियों से आवेदन आमंत्रित है, जिनके पास 8-10 हजार वर्गफीट जमीन उपलब्ध हो तथा निवेश हेतु पर्याय रकम हो I इच्छुक प्रगतिशील किसान एवं उधमियों को स्वरोजगार के माध्यम से अंडा उत्पादन इकाई की स्थापना हेतु परियोजना निर्माण, कच्चा माल आपूर्ति, प्रशिक्षण तथा बाज़ार उपलब्ध करने में बिहार विद्यापीठ उद्भवन एवं उद्यमिता केंद्र, पटना द्वारा सहयोग किया जाएगा I जो लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है कृपया बिहार विद्यापीठ उदभवन एवं उधामिता केंद्र  दूरभाष : 0612 – 2262519 तथा 8340696026/8340660550 पर अथवा वेबसाइट http://biharvidyapeethi.in अथवा Email: biharvidyapeeth@gmail.com पर या सम्बंधित जिले के जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड या मध्य बिहार ग्रामीण बैंक के सम्बंधित जिलों के क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क करें I इस संबंध में इक्षुक उधमियों के चयन हेतु जिला स्तरीय समितियों द्वारा किया जाएगा I

 

जिलावार चयन प्रक्रिया की तारीख निम्न प्रकार हैं:-

 

जिला का नाम

पटना

बिहारशरीफ

नवादा

गया

औरंगाबाद

रोहतास

कैमूर

बक्सर

आरा

जहानाबाद

अरवल

चयन प्रक्रिया की तिथि

17.04.17

18.04.17

19.04.17

20.04.17

21.04.17

24.04.17

25.04.17

26.04.17

27.04.17

28.04.17

29.04.17

समय  - 11.00 बजे पूर्वाहन

 

बैंक ऋण की शर्ते/पात्रता

 

बिहार विद्यापीठ उद्भवन एवं उद्यमिता केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएँ

  1. आवेदक किसी भी बैंक का ऋण-चूककर्ता नहीं होना चाहिए |
  2. आवेदक के पास ऋण-परियोजना के लिए पर्याप्त मार्जिन-राशि (20% से 25 %) उपलब्ध होनी चाहिए |
  3. आवेदक के पास ऋण-राशि का 100-125% (लगभग 40 लाख तक) संपार्श्विक प्रतिभूति उपलब्ध होनी चाहिए |
  4. संपार्श्विक प्रतिभूति व्यवसायिक अथवा आवासीय होनी चाहिए |
  5. आवेदक के पास फार्म के लिए कम से कम आधा से एक एकड़ भूमि होनी चाहिए |
  6. फार्म तक सुगमतापूर्वक पहुँच होनी चाहिए अर्थात् फार्म सड़क – मार्ग से जुड़ी होनी चाहिए |
  7. परियोजना-रिपोर्ट तैयार करने में सहायता |
  8. तकनीकी मार्गदर्शन, आतंरिक व बाह्य सहायता |
  9. उद्यमियों को बाजार की सुगम उपलब्धता हेतु अंडा-व्यवसायियों की सूचि उपलब्ध कराना |
  10. उचित फार्म – प्रबंधन एवं व्यवसाय - वृद्धि  हेतु स्टाफ एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रदान करना  |
  11. चूजों का बीमा, चारा-प्रबंधन, फार्म-शेड एवं फार्म संयत्रों के रख - रखाव में सहयोग |
  12. उद्यम के सम्यक् रख-रखाव एवं मार्गदर्शन को सुनिश्चित करने हेतु 3 वर्षों की सदस्यता प्रदान की जाएगी |
 
  1. परियोजना-रिपोर्ट तैयार करने में सहायता |
  2. तकनीकी मार्गदर्शन, आतंरिक व बाह्य सहायता |
  3. उद्यमियों को बाजार की सुगम उपलब्धता हेतु अंडा-व्यवसायियों की सूचि उपलब्ध कराना |
  4. उचित फार्म – प्रबंधन एवं व्यवसाय - वृद्धि  हेतु स्टाफ एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रदान करना  |
  5. चूजों का बीमा, चारा-प्रबंधन, फार्म-शेड एवं फार्म संयत्रों के रख - रखाव में सहयोग |
उद्यम के सम्यक् रख-रखाव एवं मार्गदर्शन को सुनिश्चित करने हेतु 3 वर्षों की सदस्यता प्रदान की जाएगी |