मछली उत्पादनहेतुयोजनाएं

मछली पालन कर, अपनी आमदनी बढ़ाना है बाहरी राज्यों पर निर्भरता छोड़बिहारके बीच मत्स्य निदेशालय द्वारा कार्यान्वित सभी योजनाओं से सम्बंधित ऋण आवेदन पत्रों को वित्त पोषित

वर्तमान में मत्स्य निदेशालय द्वारा तीनयोजनाओं के अंतर्गत मत्स्य विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है

  • केंद्रीययोजना-गत-योजना- “नीली क्रांति”- समेकित विकास एवं मत्स्य पालन के प्रबंधन” - योजनान्तर्गत सोलर ट्यूबवेल एवं पम्प सेट का अधिष्ठापन तथा मोपेड – सह – आईस बॉक्स के वितरण सम्बन्धी
  • राज्य योजना अंतर्गत आद्र भूमि का विकास तथा प्रथम वर्ष इनपुट के लिए योजना में होने वाले व्यय की आवेदक इन योजनाओं के तहत आवेदन पत्रसम्बंधितजिलें के जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक

योजना की मुख्य विशेषताएँ निम्न है ;

ऋण राशि - परियोजना राशि के 90% तक मियादी ऋण के रूप में|

पुनर्भुगतान अवधि- 5 से 10 वर्ष

संपार्श्विक प्रतिभूति- रु.1.00लाख (अनुदान राशि घटाने के उपरांत ) से कम हेतु – शून्य

रु.1.00लाख (अनुदान राशि घटाने के उपरांत ) से ऊपर हेतु – 100% के मूल्य का संपार्श्विक प्रतिभूति (यथा जमीन, Cash Collateral (FDR/NSC/KVP) इत्यादि)

विस्तृत जानकारी हेतु अपने जिले के जिला मत्स्य कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है|

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