Poultry

अंडा उत्पादन हेतुकुक्कुट पालन योजना

पटना द्वारा बिहार को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने हेतु अंडा उत्पादकों के उधमिता का एक अभियान शुरू

  • न्यूनतम8 -10 हजार वर्गफीट जमीन उपलब्ध हो जोकिपक्के सड़क मार्ग आवश्यक रूप से जुडी हो |
  • ऋण राशि - परियोजना राशि के 75 प्रतिशत तक मियादी ऋण एवं कार्यशील पूंजी के रूप में|
    संपार्श्विक- FDR (अपने बैंक का) /NSC/ KVP/ LIC पॉलिसी का surrender value/
    जमीन/मकान (गैर कृषि) का बंधक जिससे पूर्ण ऋण राशि सुरक्षित हो जाए।
    या

    प्राथमिक प्रतिभूति गैर कृषि भूमि होने की स्थिति में अगर उसका बाज़ार
    मूल्य ऋण राशि का 200 प्रतिशत है तों किसी अन्य प्रकार कीसंपार्श्विक
    प्रथम किश्त संवितरण से अनुग्रह अवधि
    (Gestation Period) सहितअधिकतम 7 वर्ष में।
    ख) नकद उधार ऋण- मांग पर ।
  • जहाँ परियोजना नकद उधार और आवधिक ऋण दोनों के लिए स्वीकृत की जाती है वहां पहले आवधिक ऋण का वितरण किश्तों में किया जाएगा एवं कार्य पूर्ण कर लिए जाने के सत्यापन के बाद ही कार्यशील पूँजी हेतु नकद उधार खाता से वितरण किया जाएगा।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य –

      बिहार विद्यापीठ उद्भवन एवं उद्यमिता केंद्र द्वारा ऋणी को निम्नलिखित सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी :

    1. उद्यमियों को बाजार की सुगम उपलब्धता हेतु अंडा-व्यवसायियों की सूचि उपलब्ध कराना
    2. उचित फार्म–प्रबंधन एवं व्यवसाय - वृद्धि हेतु स्टाफ एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रदान करना |
    3. उद्यम के सम्यक् रख-रखाव एवं मार्गदर्शन को सुनिश्चित करने हेतु 3 वर्षों की सदस्यता प्रदान की जाएगी |

अधिक जानकारी के लिए मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा से संपर्क करें |

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